सामाजिक नीति और भारतीय संविधान - Social Policy and Indian Constitution

सामाजिक नीति और भारतीय संविधान - Social Policy and Indian Constitution

सामाजिक नीति और भारतीय संविधान - Social Policy and Indian Constitution

संविधान जन हित में राज्य को संचालित करने का वैधानिक एवं नैतिक आधार प्रदान करता है। नागरिक होने के नाते हर व्यक्ति को मूल अधिकार प्राप्त होते हैं और व्यक्ति व समाज के विकास के लिए यथोचित परिवेश उपलब्ध कराना भी सरकार का दायित्व है। भारतीय संविधान विश्व के बेहतरीन संविधानों में से है। संविधान उन मार्गनिर्देशनों को तय करता है जिनके आधार पर विभिन्न नीतियां बनायी जाती है जो लोगों के कल्याण के लिए होती है। भारतीय संविधान में मौलिक अधिकारों ( तृतीय खंड एवं राज्य के नीति निर्देशक तत्वों ( चतुर्थ खंड में सामाजिक नीति का विस्तृत वर्णन किया गया है - 





मौलिक अधिकारों (तृतीय खंड) के अंतर्गत प्रत्येक व्यक्ति को प्राप्त अधिकारों (जो सामाजिक नीति को पुष्ट करते हैं) का उल्लेख करते हैं.


अनुच्छेद 14. विधि के समक्ष समता का अधिकार


अनुच्छेद 15. धर्म, मूलवंश जाति, लिंग या जन्म-स्थान के आधार पर विभेद का प्रतिषेध 


अनुच्छेद 16. लोक नियोजन के विषय में अवसर की समता


अनुच्छेद 17. अस्पृश्यता का अंत


शोषण के विरुद्ध अधिकार -


अनुच्छेद 21 - प्राण और दैहिक स्वतंत्रता का संरक्षण


अनुच्छेद 23. मानव के दुर्व्यापार और बलात श्रम का प्रतिषेध


अनुच्छेद 24. कारखानों आदि में बालकों के नियोजन का प्रतिषेध


धर्म की स्वतंत्रता का अधिकार


संस्कृति और शिक्षा संबंधी अधिकार - अनुच्छेद 29. अल्पसंख्यक वर्गों के हितों का संरक्षण 



राज्य के नीति निर्देशक तत्व (चतुर्थ खंड) -


अनुच्छेद 38. राज्य लोक कल्याण की अभिवृद्धि के लिए सामाजिक व्यवस्था बनाएगा


अनुच्छेद 39. राज्य द्वारा अनुसरणीय कुछ नीति तत्त्व


अनुच्छेद 39क. समान न्याय और निःशुल्क विधिक सहायता


अनुच्छेद 41. कुछ दशाओं में काम शिक्षा और लोक सहायता पाने का अधिकार


अनुच्छेद 42. काम की न्यायसंगत और मानवोचित दशाओं का तथा प्रसूति सहायता का उपबंध 


अनुच्छेद 43. कर्मकारों के लिए निर्वाह मज़दूरी आदि


अनुच्छेद 43क. उद्योगों के प्रबंध में कर्मकारों का भाग लेना


अनुच्छेद 45. बालकों के लिए निःशुल्क और अनिवार्य शिक्षा का उपबंध


अनुच्छेद 46. अनुसूचित जातियों, अनुसूचित जनजातियों और अन्य दुर्बल वर्गों के शिक्षा और अर्थ संबंधी हितों की अभिवृद्धि


अनुच्छेद 47. पोषाहार स्तर और जीवन स्तर को ऊँचा करने तथा लोक स्वास्थ्य का सुधार करने का राज्य का कर्तव्य